कुरुक्षेत्र : अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के सरस मेले में हस्तशिल्प की वस्तुएं बनी आकर्षण का केंद्र

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  • अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के सरस मेले में हस्तशिल्प की वस्तुएं बनी आकर्षण का केंद्र

भारत साबरी। कुरूक्षेत्र


कुरुक्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के सरस् मेले में हस्तशिल्प की वस्तुओं के साथ साथ ऑर्गनिक खेती और उत्पादों के स्टाल भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनें है। लगता है कि लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक होने लगे हैं  इसी क्रम में किसान जयपाल सिंह आर्य का स्टाल तो विशेष आकर्षण का केंद्र बना है। इसके इलावा उत्तराखंड नैनीताल के स्टाल को भी सराहा जा रहा है जिस पर महिलाओं की ओर से तैयार उत्पाद रखे गए हैं। यह भी बिना खाद और कीटनाशक दवाईयों के आर्गनिक उत्पाद हैं इन्हें लोगों द्वारा भी पसंद किया जा रहा है। ऑर्गनिक खेती में तो कुरुक्षेत्र गुरुकुल भी काफी चर्चित है। गुरुकुल ने भी अपने उत्पादों के स्टाल लगाए हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में स्टाल प्रक्रिया में स्टाल नम्बर 654 को उत्कृष्ट स्टाल के रूप में चयनित भी किया गया। यह स्टाल किसान जयपाल सिंह आर्य नगला सौदा यमुनानगर का है जो इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आया है। यह किसान आर्गेनिक खेती करता है जिसमे केवल देसी खाद और  देसी जीवाणु का प्रयोग कर फसल की पूरी पैदावार की जाती है। इस किसान के पास पीजीएस इंडिया सर्टिफिकेट है जोकि पूरे जिलें में सिर्फ दो ही किसानों को मिला है।  इस स्टाल पर विभिन्न कृषि खाद पदार्थो को प्रदर्शित किया गया है जिनमें बासमती,चावल,गुड, गोभी, पालक, मेथी, काली तोरी,भिन्डी और धनिया आदि प्रमुख है। इस स्टाल पर अमृत मिट्‌टी को भी प्रदर्शित किया गया है जोकि पराली के फानों को बहुत जल्दी गला कर मिट्‌टी और खाद में परिवर्तित कर पर्यावरण को साफ शुद्घ रखने में मदद करती है। इस स्टाल पर बंसी गेहूं का आटा मेथी और पालक का बीज भी मिलता है जोकि काफी स्वास्थ्यवर्धक होता है और कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।
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