अम्बाला : दरबार लग रहे हैं लेकिन अम्बाला छावनी में चिराग तले अंधेरा : ओंकार सिंह

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  • दरबार लग रहे हैं लेकिन अम्बाला छावनी में चिराग तले अंधेरा : ओंकार सिंह
  • अंधेर नगरी चौपट राजा, अम्बाला के लिए सटीक मुहावरा

राजेन्द्र भारद्वाज। अम्बाला


तहसील कार्यालय, बिजली बोर्ड और नगरपरिषद अम्बाला छावनी की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए इनेलो प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने कहा कि स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज के अपने हल्के में समस्याओं के अम्बार लगे हैं। वो किसी को नजर नहीं आते लेकिन वाहवाही लूटने के लिए राजाओं-महाराजाओं के दरबार लग रहे हैं। गृहकर, प्रोपर्टी आईडी और अनापत्ति प्रमाणपत्र एवं प्रोपर्टी आईडी में कमियां दरुस्त करने, बिजली बिल ठीक कराने, इंतकाल करवाने, फर्द निकलवाने, रकबा ठीक करवाने की मौजूदा व्यवस्था ने जनता को तोड़ कर रख दिया है। नगरपरिषद हो या अम्बाला शहर नगर निगम प्रोपर्टी आईडी और गृहकर व्यवस्था, अनापत्ति प्रमाणपत्र और आईडी दरुस्ती की मौजूदा प्रणाली ने पूरे शहर को उलझा दिया है। गृहकर के नाम पर लूट मची है। ज्यादातर मामलों में गृहकर में अनगिनत गलतियां हैं। इन्हें दुरुस्त करवाने के लिए चक्कर पर चक्कर लगा कर जनता परेशान हो रही है। कुछ वर्ष पूर्व सरकार ने दिल्ली की एक संस्था “”मैप माइ इंडिया”” से प्रोपर्टी का सर्वे करवाया था उसी सर्वे को आधार मान कर जनता को गृहकर के बिल थमाए जा रहे हैं जिनमे मालिक का नाम, रकबा व पत्ते सहित अनगिनत विसंगतियां है। जब कोई इन बिलो को ठीक करवाने जाता है तो उसे लम्बी प्रक्रिया व तानाशाह अधिकारियों व लापरवाह कर्मचारियो का सामना करना पड़ता है। कोरोना काल मे कई दिन बर्बाद करने के पश्चात भी जवाब मिलता है आप प्रोपर्टी आईडी या प्रोपर्टी में नाम या प्रोपर्टी में वर्णित जगह ठीक करवाओ, मौका करवाओ, सर्वे दोबारा करवाओ। बिजली बोर्ड व तहसील कार्यालय में सभी दुखी व्यक्ति चक्कर काट रहे हैं कोई पूछने वाला नही । आम व्यक्ति इन्ही चक्करों में पिस कर रह गया है लेकिन कोई भी सत्तासीन नेता जनता की तकलीफों को समझने को तयार नही। सभी आंखों के होते हुए भी सूरदास बने हुए हैं। नई रजिस्ट्री व्यवस्था व अपडेटेड कंप्यूटर प्रणाली के अनुसार बिना प्रोपर्टी आईडी व नगरपरिषद/नगरनिगम से सम्बन्धता के रजिस्ट्री नही हो सकती। ऐसी व्यवस्था में ही भ्र्ष्टाचार पनपता है। पूरे जिले में लाखों नई आईडी बननी और ठीक होनी है जिसके लिए न तो आवश्यक स्टाफ है और न ही आधारभूत सरंचना। टाल मटोल करने के लिए सबसे बढ़िया बहाना है कि यह दरुस्ती ई.ओ. साहिब की आई डी से होगी। पूरे प्रदेश की जनता खून के आंसू रो रही है और सत्तासीन नेता आंखे मूंद मजे ले रहे हैं। मौजूदा गृहकर प्रणाली में लाखों के झोल है जिनके बारे सबूत सहित जल्दी खुलासा किया जाएगा ताकि जनता को सच पता लग सके और कुम्भकर्णी नींद सोए नेताओं की आंख खुल सके।

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