कुरुक्षेत्र : जयराम विद्यापीठ में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुआ गीता जंयती महोत्सव

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  • जयराम विद्यापीठ में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुआ गीता जंयती महोत्सव
  • कार्यक्रमों के लिए श्री हनुमत ध्वजारोहण, विद्यापीठ में संकटमोचन श्री रामभक्त हनुमान के गुणगान से हुआ गीता जंयती महोत्सव का आगाज
  • कुरुक्षेत्र की धरती पर भगवान श्री कृष्ण के मुखारविंद से गीता के संदेश के साक्षी हैं वीर हनुमान

भारत साबरी। कुरूक्षेत्र


महाभारत के युद्ध में भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के रथ का ध्वज भी भगवान श्री राम भक्त वीर हनुमान के हाथ में ही था। रावण पर भगवान श्री राम की विजय में भी वीर हनुमान का श्रेय था। यह विचार व्यक्त करते हुए भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं देशभर में फैली जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने बताया कि 30 सालों से हरवर्ष गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों से पहले विद्यापीठ में भूमिपूजन के उपरांत विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ श्री हनुमत ध्वजारोहण किया जाता है। गीता जयंती महोत्सव 2019 के लिए भी शनिवार को ब्रह्मसरोवर के तट पर श्री जयराम विद्यापीठ परिसर में संत महापुरुषों के सान्निध्य में विद्वान-ब्राह्मणों तथा ब्रह्मचारियों ने भगवान श्री रामभक्त वीर हनुमान का गुणगान करते हुए श्री हनुमत ध्वजारोहण किया। परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने विद्यापीठ गुरुओं परंपरा के अनुसार ध्वजारोहण कर विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ महोत्सव का शुभारंभ किया। गीता जंयती के ध्वजारोहण के साथ ही आज से विद्यापीठ में आयोजित होने वाले सभी धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का भी शुभारंभ किया गया।
विद्यापीठ में ध्वजारोहण से पूर्व ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी के सानिध्य में सभी ट्रस्टियों, ब्रह्मचारियों तथा जयराम संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के परम भक्त वीर हनुमान का मंत्रोच्चारण करते हुए आह्वान कर विधिवत पूजन किया और उसके उपरांत जयराम विद्यापीठ की ओर से भगवान श्री कृष्ण के श्री मुख से उत्पन्न हुई पावन श्री गीता के जन्मोत्सव पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को श्रद्धापूर्वक किए जाने का संकल्प लिया गया। इसके उपरांत विधिवत संकट मोचन श्री हनुमान के यज्ञ के साथ प्रसाद वितरित किया गया। ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने बताया कि संकटमोचन हनुमान से निर्विघ्न गीता जयंती महोसव के आयोजनों की कामना की गई। उन्होंने बताया कि विद्यापीठ में 30 वर्षों से पावन गीता के जन्मोत्सव अवसर पर अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। विद्यापीठ का उद्देश्य भगवान श्री कृष्ण के कर्म के संदेश को भारतवर्ष में ही नहीं विश्व के सभी घरों में पंहुचाना है। उन्होंने कहा कि आज अगर समाज के युवा वर्ग गीता के संदेश को अपने जीवन में अपना लें, तो समाज की करीब-करीब सभी बुराईयां अपने-आप ही समाप्त हो जाऐंगी। भगवान श्री कृष्ण ने गीता का संदेश केवल अर्जुन को ही नहीं बल्कि अर्जुन के माध्यम से पूरी सृष्टि के सभी प्राणियों को दिया था। ब्रह्मचारी ने बताया कि गीता जंयती महोत्सव के अवसर पर देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में लोगों के साथ-साथ अनेकों संत महापुरुष तथा समाज की अनेकों प्रख्यात हस्तियां पहुंचती हैं। उन्होंने बताया कि हरवर्ष की भांति इस वर्ष भी गीता जयंती महोत्सव 2019 के अवसर पर 2 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक संगीतमयी श्री मद भागवत कथा का आयोजन होगा।
यह संगीतमयी कथा आधुनिक परिवेश में व्यासपीठ से कथाव्यास भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर पोरबंदर गुजरात वाले कहेंगे। उन्होंने बताया कि विद्यापीठ में गरीब परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह 6 दिसम्बर को आयोजित होगा। इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल नवदम्पतियों को आशीर्वाद देंगे। ब्रह्मचारी ने बताया इसी के साथ 2 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक विद्वान ब्राह्मणों की ओर से गीता यज्ञ किया जायेगा। पिछले करीब 2 दशकों से विद्यापीठ में आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय अंतरविद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं 2 दिसम्बर से 5 दिसम्बर तक होंगी। जिसमें राज्य के विभिन्न शहरों से करीब 3 हजार बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। ब्रह्मचारी ने बताया कि हरवर्ष की भांति इस वर्ष भी देश के विख्यात कवियों की मौजूदगी में हास्य कवि सम्मेलन 6 दिसम्बर को होगा। ब्रह्मचारी ने बताया कि गीता जयंती के समापन पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, नगर की सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से 8 दिसम्बर को भव्य एवं विशाल शोभा यात्रा नगर में निकाली जाएगी।
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