चंडीगढ़ : क्या किसी आईपीएस अधिकारी को अपने गृह-ज़िले में पुलिस अधीक्षक तैनात किया जा सकता है ?

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  • क्या किसी आईपीएस अधिकारी को अपने गृह-ज़िले में पुलिस अधीक्षक तैनात किया जा सकता है ?
  • फरवरी 2020 में संगीता रानी को अपने गृह जिले भिवानी की एसपी लगाया गया

राजेन्द्र भारद्वाज। चंडीगढ़


आज से लगभग तीन माह पूर्व 15 फरवरी 2020 को हरियाणा के गृह विभाग द्वारा प्रदेश के तीन दर्जन आईपीएस अधिकारियों के तैनाती और तबादले सम्बन्धी आदेश जारी किये गए जिनमे हरियाणा कैडर की 2010 बैच की आईपीएस अधिकारी संगीता रानी को नूहं ज़िले के एसपी पद से बदल कर भिवानी ज़िले का पुलिस अधीक्षक तैनात किया गया। लिखने योग्य है कि इस महिला आईपीएस को बीते वर्ष फरवरी 2019 में नूहं का एसपी लगाया गया था। हालांकि उससे पूर्व जुलाई 2018 में उन्हें पानीपत के पुलिस अधीक्षक पद पर तैनाती के लगभग दो माह में ही बदलकर कमांडेंट, प्रथम इंडियन रिज़र्व बटालियन, भोंडसी, गुरुग्राम भेजा गया।  ज्ञात रहे कि अप्रैल 2018 में उन्हें रेवाड़ी के एसपी पद से बदलकर पानीपत जिले की पुलिस प्रमुख लगाया गया था परन्तु हरियाणा सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज जो वर्तमान में प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं  तब पानीपत की जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष थे और ज़िले की एसपी के नाते उक्त महिला अधिकारी एक-दो मासिक बैठकों में नहीं शामिल हुई जिसपर विज द्वारा उनकी अनुपस्थिति का मामला मुख्यमंत्री स्तर पर उठाया गया जिसके बाद संगीता रानी का पानीपत एसपी पद से तबादला कर दिया गया। यहाँ यह भी लिखने योग्य है कि आज से साढ़े चार वर्ष पूर्व नवम्बर, 2015 में फतेहाबाद जिले की ऐसी ही जिला समिति की मासिक बैठक में विज, जो तब उसके चेयरमैन थे और उक्त अधिकारी, जो जिले की तत्कालीन एसपी थी, के बीच बैठक में सार्वजानिक तौर पर पुलिस द्वारा अवैध शराब बिक्री को लेकर आपसी तीखी बहस-बाज़ी हो गयी थी जिसके बाद विज ने एसपी महोदया को तत्काल बैठक से बाहर निकल जाने को कहा परन्तु जब वो नहीं मानी, तो विज स्वयं ही मीटिंग बीच में छोड़कर वहाँ से बाहर चले गए एवं इस घटना के उक्त एसपी मैडम का वहां से तबादला कर उन्हें कमांडेंट, इंडियन रिज़र्व बटालियन, मानेसर लगा दिया गया था।

बीते कल जब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट, हेमंत कुमार ने हरियाणा के सभी मौजूदा पुलिस अधीक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड और उनकी तैनाती का अवलोकन किया , तो वह इस बाते को लेकर दुविधा में पड़ गए कि जब संगीता कालिया का गृह जिला आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार भिवानी जिला ही है तो क्या उन्हें उसी ज़िले का पुलिस अधीक्षक लगाया जा सकता है ? उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर किसी भी गज़ेटेड राजपत्रित अधिकारी अर्थात क्लास 1 या क्लास 2 ग्रुप ए और ग्रुप बी  अधिकारी को अपने गृह ज़िले में पोस्टिंग नहीं दी जाती है और अगर जिला प्रशासन और जिला पुलिस के दो सर्वोच्च अधिकारियों अर्थात डीसी उपायुक्त और एसपी का विषय हो तो इस सम्बन्ध में इसकी अनुपालना करना और भी आवश्यक हो जाता है कि कोई आईएएस या आईपीएस को अपने गृह ज़िले , अर्थात जिस ज़िले को उस अधिकारी द्वारा अपना गृह जिला घोषित कर सरकार को बताया गया हो एवं वह आधिकारिक रिकार्ड में दर्ज हो, उस ज़िले में उस अधिकारी की डीसी या एसपी के तौर पर तैनाती न की जाए। हालांकि अब यह देखने लायक होगा कि क्या संगीता रानी को भिवानी ज़िले का एसपी तैनात करने के केस में हरियाणा सरकार द्वारा इस आशय में उन्हें कोई विशेष रियायत दी गयी है अथवा तीन माह पूर्व उनका नूहं ज़िले से भिवानी ज़िले की एसपी के रूप में तबादला करते हुए गृह विभाग से कोई भूल या चूक हो गई हो। हालांकि हेमंत ने यह भी बताया कि कोई आईएएस या आईपीएस अधिकारी अपने सेवा काल में एक बार अपने गृह जिले को उपयुक्त कारण बताकर बदलने क्षमा अनुरोध भी कर सकता है। अब क्या संगीता रानी द्वारा भी ऐसा किया गया है अथवा नहीं, यह देखने लायक होगा हालांकि आज तक हरियाणा पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर उनका गृह जिला भिवानी दर्शाया जा रहा है।

हेमंत ने आगे यह भी बताया कि बीते वर्ष 10 जनवरी 2019 से लागू हुए हरियाणा पुलिस संशोधन अधिनियम 2019 जिसके द्वारा मूल हरियाणा पुलिस कानून 2007 में एक नई धारा 34 डालकर उसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा एक पुलिस स्थापना कमेटी गठित करने का प्रावधान है , वह भी आज तक नहीं बनायी गयी है। लिखने योग्य है कि इस कमेटी के चेयरमैन राज्य के पुलिस प्रमुख डीजीपी एवं अन्य सदस्यों में राज्य इंटेलिजेंस विंग के प्रमुख, पुलिस मुख्यालय के प्रशासनिक विंग के प्रमुख और लॉ एंड आर्डर कानून-व्यवस्था के मुखिया सम्बन्धी प्रावधान है। यह पुलिस स्थापना कमेटी पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर निरीक्षक  रैंक के कमिँयों की तबादले एवं तैनाती सम्बन्धी निर्णय लेगी जबकि डीएसपी पुलिस उपाधीक्षक एवं एसपी पुलिस अधीक्षक की तैनाती और तबादलों के सम्बन्ध में यह कमेटी राज्य सरकार को अपनी सिफारिश करेगी।

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