चंडीगढ़ : नगर निकाय और पंचायती चुनावों में भी वृद्धों और कोरोना ग्रसितों को पोस्टल बैलट से वोट की मिले सुविधा

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  • नगर निकाय और पंचायती चुनावों में भी वृद्धों और कोरोना ग्रसितों को पोस्टल बैलट से वोट की मिले सुविधा
  • एडवोकेट ने हरियाणा के राज्य चुनाव आयोग को लिखकर की मांग
  • 19 जून को केंद्र सरकार ने 65 वर्ष आयु से ऊपर और कोविड- 19 ग्रसित व्यक्तियों के लिए पोस्टल बैलट से वोट डालने का किया है प्रावधान

राजेन्द्र भारद्वाज। चंडीगढ़


अब से देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले लोकसभा और विधानसभा आम चुनावो एवं इनके उप-चुनावों में सम्बंधित लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए पंजीकृत योग्य मतदाता, जिनकी आयु 65 वर्ष से ऊपर होगी एवं जो कोरोना-वाएरस संक्रमण  का संदेह होने वाले या इससे प्रभावित होंगे, वह भी पोस्टल बैलट से वोट डाल सकेंगे।  इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया की इसी माह 19 जून को केंद्र सरकार के विधिं एवं न्याय मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विधायी विभाग ने एक गजट अधिसूचना जारी कर उक्त दोनों श्रेणियों को अनुपस्थित मतदाताओ की परिभाषा में शामिल कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह अधिसूचना केंद्र सरकार द्वारा लोक प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 60 (सी ) के अंतर्गत भारतीय चुनाव आयोग के साथ परामर्श के बाद जारी की गयी है जिसके द्वारा निर्वाचनो का संचालन नियमावली, 1961 के नियम 27 ए में संशोधन किया गया है एवं यह संशोधन इसके प्रकाशन की तिथि अर्थात 19 जून 2020 से तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है। इनमे कोविड -19 का संदेह होने वाले सस्पेक्ट या इससे प्रभावित व्यक्ति के सम्बन्ध में उल्लेख है कि ऐसे व्यक्ति जिनकी किसी सरकारी हस्पताल या कोविड हस्पताल के रूप में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हस्पताल द्वारा कोविद 19 से ग्रस्त पॉजिटिव के रूप में जांच की गई है एवं जो व्यक्ति कोविड – 19 के कारण गृह करंतीन या सांस्थानिक करंतीन के अधीन हैं और जिन्हें ऐसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जिन्हें राज्य सरकार या संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन द्वारा अधिसूचित किया जाए, प्रमाणित किया गया है।

हेमंत ने आगे बताया कि बीते वर्ष 22 अक्टूबर 2019 को भी इसी प्रकार केंद्र सरकार द्वारा उक्त निर्वाचन संचालन नियमो, 1961 में संशोधन कर अनुपस्थित मतदाता को परिभाषित किया गया था जिसमे विशेष तौर पर उल्लेखित आवश्यक सेवाओ में संलग्न एवं नियोजित व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिको जिनकी आयु 80 वर्ष से ऊपर होगी और दिव्यांग व्यक्तियों को शामिल किया गया जिन्हें पोस्टल बैलट से अपना मतदान करने की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया की अब केंद्र सरकार ने उक्त नियमो में एक बार फिर संशोधन कर अनुपस्थित मतदाता के रूप में योग्य वरिष्ठ नागरिको की आयु को 80 वर्ष की आयु से ऊपर से घटाकर 65 वर्ष की आयु से ऊपर कर दिया गया है। इसके अलावा कोविड आशंकित और इससे प्रभावित व्यक्तियों को भी इस परिभाषा में शामिल किया गया है। इन श्रेणियों के व्यक्तियों को पोस्टल बैलट से वोट डालने की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए निर्धारित अवधि में सत्यापित किया हुआ प्रासंगिक फॉर्म भरकर इस आशय में पदांकित चुनाव अधिकारी को सौंपना होगा एवं अन्य औपचारिकताएं पूर्ण करनी होगी।

लिखने योग्य है इसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर 2020 में बिहार विधानसभा के आम चुनाव होने वाले हैं जिनमे उक्त संशोधन का फायदा योग्य मतदाताओं को प्राप्त होगा। हरियाणा में भी आगामी कुछ महीनों में सोनीपत जिले की बड़ोदा सीट पर होने वाले उपचुनाव में यह संशोधन लागू होगा। हेमंत ने बताया कि चूँकि उक्त निर्वाचन संचालन नियम, 1961 के मुख्य प्रावधान प्रत्यक्ष  तौर पर नहीं हालांकि परोक्ष रुप से देश के विभिन्न राज्यों की नगर निकाय संस्थाओ और पंचायती राज संस्थाओ के आम चुनावो पर भी लागू होते हैं। इस कारण ऐसे स्थानीय चुनावो में भी योग्य वरिष्ठ नागरिक , दिव्यांग और कोविड- 19 प्रभावित योग्य मतदाता पोस्टल बैलट से अपना वोट डाल सकते हैं बशर्ते संबंधित राज्य के चुनाव आयुक्त द्वारा इस संबंध में राज्य सरकार को अनुसंशा कर प्रासंगिक स्थानीय चुनाव नियमों में संशोधन करवाया जाए। इसी संबंध में हेमंत ने आज हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त डा. दलीप सिंह को ईमेल कर उनसे हरियाणा पंचायती राज निर्वाचन नियमावली, 1994 और हरियाणा नगर पालिका चुनाव नियमावली, 1978 एवं हरियाणा नगर निगम चुनाव नियमावली, 1994 में उपरोक्त संशोधन करवाने के लिए हरियाणा सरकार से यह मामला तुरंत उठाने का अनुरोध किया है।

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