नई दिल्ली : गलवान घाटी के बाद अब पैंगोंग लेक पर ड्रैगन बढ़ा रहा अपनी सैन्य तैनाती, सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

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  • गलवान घाटी के बाद अब पैंगोंग लेक पर ड्रैगन बढ़ा रहा अपनी सैन्य तैनाती, सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

नई दिल्ली। हरियाणा न्यूज एक्सप्रैस


चीन की नजर अब गलवान घाटी के बाद पैंगोंग झील क्षेत्र की तरफ है। चीन तेजी से गलवान घाटी के बाद पैंगोंग झील क्षेत्र में अपनी सैन्य तैनाती को बढ़ा रहा है। बता दें कि ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने झील के फिंगर चार से आठ तक चीनी सेना के जमावड़े की पोल खोल दी है, जिसमें काफी तादाद में वाहन, तंबू, नौकाएं और स्थायी बंकर दिखाई दे रहे हैं।

गलवां घाटी के बाद अब पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन तेजी से सैन्य तैनाती बढ़ाकर कब्जे की कोशिश में जुटा है।

तस्वीरों के आधार पर जानकारों का कहना है कि ड्रैगन की यह भारी तैनाती गलवान से कहीं ज्यादा है। वह भारतीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए फिंगर 4 की चोटी पर काबिज होने के लिए सबसे ज्यादा जोर लगा रहा है। इलाके में चीन की बढ़ती मौजूदगी पर भारतीय सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वह पूर्वी लद्दाख में यथास्थिति बदलने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए भारत ने भी फिंगर 4 समेत अन्य इलाकों में पर्याप्त तैनाती बढ़ा दी है।

वहीं इस इलाके में चीन के बढ़ते दखल पर भारतीय सैन्य अधिकारियों का कहा है कि चीन पूर्वी लद्दाख में यथास्थिति बदलने की कोशिश कर रहा है। यही कारण है कि वो किसी भी हालात का सामना करने के लिए भारत ने भी फिंगर चार समेत बाकी इलाकों में पर्याप्त तैनाती बढ़ा दी है। लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के दो हफ्ते बाद भी पेट्रोल प्वाइंट 14 पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।

गलवान के पास पुल और अन्य निर्माण कार्य से भारत ने चीन को साफ तौर से बता दिया है कि भारतीय सेना बुनियादी ढांचे का काम जारी रखेगी। इसमें श्योक नदी के पश्चिमी तट पर उत्तर लद्दाख में महत्वपूर्ण राजमार्ग शामिल हैं।

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