चंडीगढ़ : मंत्री अनिल विज ने इंजीनियरिंग डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स हेतु ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया का किया उद्घाटन

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  • मंत्री अनिल विज ने इंजीनियरिंग डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स हेतु ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया का किया उद्घाटन
  • विद्यार्थियों को घर बैठे ही इन विषयों में अपना दाखिल करवाने का मिलेगा अवसर

राजेन्द्र भारद्वाज। चंडीगढ़


हरियाणा के तकनीकी शिक्षा मंत्री अनिल विज ने आज विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 हेतु इंजीनियरिंग डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स हेतु आरंभ की गई ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया का उद्घाटन किया गया। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे ही इन विषयों में अपना दाखिल करवाने का अवसर मिलेगा। अनिल विज ने कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के चलते जहां फिलहाल छात्र-छात्राओं को विभिन्न संस्थानों में जाकर दाखिला प्रक्रिया को पूर्ण करना कठिन है, वहीं बिना मूल प्रमाण पत्रों के उनके प्रमाणपत्र सत्यापन भी संभव नहीं है। इस स्थिति को सरल बनाने हेतु राज्य तकनीकी शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र हरियाणा की मदद से एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसका प्रयोग इस बार दाखिले प्रक्रिया हेतु किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर न सिर्फ ऑनलाइन प्रार्थनापत्र स्वीकार करेगा अपितु डिजिलॉकर की मदद से उनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी करेगा। इससे विद्यार्थियों को भौतिक रूप से उपस्थिति ना होने पर भी उनके लिए दाखिले करवाना संभव होगा।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 37 राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हैं तथा 4 सहायता प्राप्त संस्थान है, जिनमे 36 विभिन्न ट्रेडों में डिप्लोमा पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में इंजीनियरिंग डिप्लोमा की 13131 सीटें तथा वोकेशनल डिप्लोमा कोर्स की 810 सीटो पर दाखिले होने हैं। इसके अतिरिक्त 151 स्व वित्तपोषित संस्थान भी है, जहां इंजीनियरिंग डिप्लोमा की लगभग 26000 सीटें हैं।  तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अंकुर गुप्ता ने बताया कि विभाग विभिन्न उद्योगों की आवश्यकतानुसार उन्नत और अद्यतन एआईसीटीई मॉड्यूल पाठ्यक्रम लागू करके विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने हेतु प्रयासरत है। तकनीकी शिक्षा के महानिदेशक अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि इस नए सॉफ्टवेयर की सहायता से प्रमाणपत्र सत्यापन भी हो सकेगा। इसके लिए डिजिलॉकर पर उम्मीदवारों द्वारा अपलोड किए गए प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों के डिजिलॉकरों तक पहुंच कर उस राज्य के उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र सत्यापन हेतु अनुमति पत्र ले लिए गए हैं तथा इनके लिंक विभिन्न संस्थानों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिससे यह प्रक्रिया सरलता से पूर्ण की जा सकेगी।

विभाग के डायरेक्टर केके कटारिया ने बताया कि इन बहुतकनीकी संस्थानों से निकलने वाले विद्यार्थियों को भारतीय रेलवे, गेल, मारुति, पावरग्रिड, एनटीपीसी समेत अनेकों कंपनियों में रोजगार के अच्छे अवसर प्राप्त होते है। इसके साथ ही हरियाणा के बहुतकनीकी संस्थानों में बाज़ार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं जोकि उद्योगों की आवश्यक्तानुसार बेहतर डिप्लोमा इंजिनियर उत्पन्न करते हैं।  इस अवसर पर ज्वाइंट डायरेक्टर पूनम प्रतिभा, डॉ राजीव सपरा, विंदू आनंद समेत विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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