नई दिल्ली : संग्रहण में कमी से सीबीडीटी प्रमुख ने लिया बड़ा फैसला, अधिकारियों को दिया ये निर्देश

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नई दिल्ली। हरियाणा न्यूज एक्सप्रैस ब्यूरो


CBDT to share MSME data with Ministry - The Hindu BusinessLine

आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्तों को लिखे पत्र में मोदी ने कहा है कि कई करदाता ‘विवाद से विश्वास’ योजना के तहत आवेदन करने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उनको कर विभाग से उनपर बने कर ही सही मांग के बारे में सूचना का इंतजार है। सीबीडीटी प्रमुख ने अधिकारियों के लिए लंबित अपीलों के निपटान का मासिक लक्ष्य भी तय किया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे ई-फाइलिंग पोर्टल या सिर्फ ई-मेल के जरिये जानकारी भेजकर अपीलों का निपटान करें। सीबीडीटी के प्रमुख ने नौ जुलाई को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘बोर्ड चाहता है कि विवाद से विश्वास योजना के तहत आने वाले करदाताओं की कर मांग और कर भुगतान की गणना या रिफंड से संबंधित कामकाज प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।’’ मोदी ने कर अधिकारियों से कहा है कि वे विवाद से विश्वास योजना के तहत आवेदनों पर तत्काल गौर करें।

सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, इस योजना के तहत आवेदन मिला हो या नहीं मिला हो, सभी आकलन अधकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले आयकरदाताओं के कर भुगतान या कर रिफंड की गणना का काम तेजी से निपटाना होगा। सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि यह कार्य सभी आयकरदाताओं के लिए किया जाना है, चाहे वे इस योजना का विकल्प चुनना चाहते हैं या नहीं चुनना चाहते हैं। इससे अंतिम समय में किसी तरह की समस्या खड़ी नहीं होगी। आकलन अधिकारियों को इस प्रक्रिया को 31 अगस्त, 2020 तक पूरा करना होगा। विवाद से विश्वास योजना के तहत कर विवादों का निपटान करने की समयसीमा 30 दिसंबर, 2020 को समाप्त होगी।

One who levelled serious charges v/s CBDT boss promoted

इस योजना के तहत विवाद का समाधान के करने के इच्छुक करदातओं को 31 दिसंबर तक कर की पूरी राशि जमा कराने पर ब्याज और जुर्माने से छूट मिलेगी। इस योजना के तहत 9.32 लाख करोड़ रुपये के 4.83 लाख प्रत्यक्ष कर मामलों के निपटान का लक्ष्य है। ये मामले विभिन्न अपीलीय मंचों मसलन आयुक्त (अपील), आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी), उच्च न्यायालयों तथा उच्चतम न्यायालयों में लंबित हैं। यह राशि 2020-21 के प्रत्यक्ष कर संग्रह के बजट लक्ष्य 13.19 लाख करोड़ रुपये का 71 प्रतिशत बैठती है। इसमें से आयकर संग्रह का लक्ष्य 6.38 लाख करोड़ रुपये तथा कॉरपोरेट कर संग्रह का लक्ष्य 6.81 लाख करोड़ रुपये है। 2019-20 में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 12.33 लाख करोड़ रुपये रहा था। 2018-19 में यह 12.97 लाख करोड़ रुपये था।

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