झज्जर : पुलिस ने 20 लाख की फिरौती मांगने एवं ना देने पर जान से मारने की धमकी देने की वारदात का किया खुलासा

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  • पुलिस ने 20 लाख की फिरौती मांगने एवं ना देने पर जान से मारने की धमकी देने की वारदात का किया खुलासा
  • योजना बनाकर षड्यंत्र के तहत दिया गया था फिरौती मांगने की वारदात को अंजाम
  • वारदात के 4 आरोपी गिरफ्तार

राजेन्द्र भारद्वाज। झज्जर


बृहस्पतिवार को अपराध जांच शाखा झज्जर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झज्जर निवासी एक दवा विक्रेता से 20 लाख रुपए की फिरौती मांगने व जान से मारने की धमकी देने की वारदात का खुलासा किया गया। धमकी देकर फिरौती मांगने तथा पकड़े गए आरोपियों के संबंध में खुलासा करते हुए डीआईजी अशोक कुमार द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। बीती 4 अगस्त को आरोपियों ने योजना बनाकर फिरौती मांगने तथा ना देने पर जान से मारने की धमकी देने की वारदात को अंजाम दिया था। उपरोक्त वारदात के संबंध में थाना शहर झज्जर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। धमकी देकर फिरौती मांगने के मामले पर मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस द्वारा उपरोक्त वारदात का खुलासा करते हुए मामले के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले में गहनता से कार्रवाई करते हुए गिरफ्त में लिए गए आरोपियों की पूछताछ में पहचान विक्रम पुत्र जयप्रकाश निवासी गांव खेड़ी जट्ट, नीरज पुत्र बिजेन्द्र निवासी गांव खुंगाई तथा चिराग पुत्र जयप्रकाश निवासी सीताराम गेट झज्जर व संजय पुत्र प्रेम सिंह निवासी गांव पेगा जिला जींद के तौर पर की गई।
प्रेस वार्ता के दौरान डीआईजी अशोक कुमार ने बताया कि उपरोक्त वारदात को पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया गया था। वारदात के षड्यंत्र में शामिल तीन आरोपी झज्जर में स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में डी फार्मेसी कोर्स के प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वारदात का पकड़ा गया चौथा आरोपी दिल्ली में स्थित एक प्लेसमेंट ऑफिस में कार्यरत है। पकड़े गए चारों आरोपियों को सीआईए झज्जर व थाना शहर झज्जर की संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने प्राथमिक पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप कर दिया। आरोपी विक्रम व नीरज ने अपने कर्ज उतारने व मौज-मस्ती के लिए फिरौती मांगने की योजना बनाई। योजना में चिराग को भी शामिल किया गया। इस कार्य में चिराग ने उनकी मदद की। वह भी झज्जर में स्थित एक मेडिकल स्टोर पर कार्यरत है। उसी ने दवा विक्रेता के संबंध में पूर्ण जानकारी अपने दोनों साथियों को दी। योजना को अंजाम देने के लिए दिल्ली में कार्यरत संजय की भी मदद ली गई। संजय ने फर्जी आईडी पर एक्टिवेट किया गया सिम कार्ड उपलब्ध करवाया। विक्रम की अक्षय से दोस्ती थी। इसलिए उसने फिरौती मांगने व धमकी देने में खुद को अक्षय बतलाया था।
गौरतलब है कि झज्जर शहर निवासी एक दवा विक्रेता दुकानदार मुकेश कुमार ने शिकायत देते हुए पुलिस को बताया था कि जान से मारने की धमकी देते हुए उससे लाखों रुपये फिरौती देने की मांग की गई। फिरौती की राशि ना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़ित शिकायतकर्ता ने बताया कि 4 अगस्त 2020 को उसके फोन पर कॉल करके रुपयों की मांग की गई थी। फिरौती मांगने व जान से मारने मारने की धमकी देने की शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए थाना शहर झज्जर में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि फिरौती मांगने के उपरोक्त मामले की गहनता से छानबीन करने तथा दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए डीएसपी झज्जर राहुल देव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। दोषियों का जल्द पता लगाने के लिए साइबर सैल की भी मदद ली गई। फिरौती मांगने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम कार्ड को एक्टिवेट करने के दो आरोपियों को स्थानीय पुलिस द्वारा पहले ही काबू किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चारों को माननीय अदालत झज्जर में पेश किया गया। मामले की गहनता से जांच पड़ताल का कार्य लगातार जारी है।

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