रोहतक : नई अनाज मंडी में अलग अलग किसान संगठनों ने की बैठक

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  • आगामी आंदोलन की रणनीति लेकर बैठक का किया गया आयोजन
  • आढ़तियों ने की विधेयकों की वापिसी की मांग

रिंकू परमार। रोहतक


केंद्र सरकार कृषि पर 3 नए विधेयक लाने वाली है इससे पहले प्रदेश भर के किसान और मंडियों के व्यापारी विरोध कर रहे है। जिस प्रकार से पिपली में किसानों पर लाठीचार्ज हुआ उससे प्रदेश सरकार की काफी किरकरी भी हो रही है। वहीं अब किसान और मंडी व्यापारी इन विधयकों के खिलाफ लाभबन्ध होने शुरू हो गए है। रोहतक की नई अनाज मंडी में आज अलग अलग किसान संगठन और सब्जी एवं अनाज मंडी के आढ़तियों ने विधेयकों की वापिसी की मांग की और आगामी आंदोलन की रणनीति लेकर एक बैठक की। इस बैठक में कल से जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर 18 सितम्बर तक धरना शुरू करने और फिर भी सरकार इन विधेयकों को वापिस नहीं लेती है तो 20 सितम्बर को प्रदेश स्तर प्रदर्शन व चक्का करने की चेतावनी दी। अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव इंद्रजित ने कहा  तीन विधेयको को लेकर प्रदेश में जो विरोध चल रहा है। आज से संसद का पहला दिन सत्र का है पहले ही दिन आज रोहतक में अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए बैठक की है कल से 20 तारीख तक लगातार विरोध प्रदर्शन धरना देंगे। कल से उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देंगे। सरकार  कृषि में तीन विधेयक ला कर किसान और अनाज मंडी के व्यापारियों को बर्बाद करना चाहती है। इसका किसान और मंडी के आढ़ती इसका विरोध कर रहे है। सरकार बड़े घरानो के फायेदेमंद लिए यह विधेयक लाना चाहती है।  विधयेक लाने को लेकर  शंका है जब ही विधेयक लाया जा सकता है तब आपातकालीन स्थिति हो लेकिन कोरोना काल में ला कर उनकी नियत में खोट है। इन विधेयको के दुरगामी दुष्प्रभाव पड़ेंगे। वहीँ कृषि मंत्री जेपी दलाल के द्वारा लाठी चार्ज हुआ नहीं कहने और डिप्टी सीएम द्वारा लाठी चार्ज की जाँच की बात कहने के सवाल पर कहा कि सत्ता वाले विपक्ष पर आरोप लगाते ही है। इस पर राजनीती हो रही है यह सारा देश जानता है लाठी चार्ज हुआ सरकार के मंत्री कह रहे लाठी चार्ज हुआ। इस लाठी चार्ज की जांच हो। एक तरफ तो कह रहे हम इक्कठे नहीं होने देंगे बाद में परिमिशन दी। पहले भी तो परिमिशन दे सकते थे। अनिल नांदल प्रदेश प्रधान बीकेयू(अम्बावता)  ने कहा कि इस में खामी ही खामी है बिहार में यह अध्यादेश लागु है वहाँ किसान की दुर्गति हो रही है। कल से जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना शुरू होगा। 19 तारीख तक विधेयक वापिस नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश के संगठन मिलकर चक्का जाम कर देंगे। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती संघ के नेताओं ने बताया कि सरकार किसान और आढ़ती के रिश्ते को खत्म करना चाहती है। इन विधेयको को वापिस होने वाले आंदोलन में आढ़ती किसान संगठनों के साथ है। मंडी में 4 प्रतिशत टैक्स है और बाहर नही है। जब निजी कंपनिया एक दो साल तो किसान की फसल उच्चे दामो में ले लेगी जब मंडी बन्द हो जायेगी उन पर ताला लग जायेगा उसके बाद वह अपनी मर्जी से रेट देंगी। जबकि आढ़ती के पास लाइसेंस है जीएसटी नम्बर है। जिस तरह से जियो ने एक साल तक फ्री डाटा दिया आज उसी जियो का डाटा सबसे महंगा  डाटा है। वे किसानों से लूट मचाएंगे। जिसका हम विरोध कर रहे है।

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