हिसार : केंद्र सरकार द्वारा कृषि संबंधित तीन अध्यादेश है काला कानून : बजरंग गर्ग

Share This
  • केंद्र सरकार द्वारा कृषि संबंधित तीन अध्यादेश है काला कानून : बजरंग गर्ग
  • केंद्र सरकार द्वारा तीन अध्यादेश किसान, आढ़ती विरोधी है 

राजेन्द्र भारद्वाज। हिसार


हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रान्तीय अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने हिसार अनाज मंडी में किसान एवं आढ़तियों द्वारा केंद्र सरकार द्वारा तीन अध्यादेश के विरोध में दिया जा रहा धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषि सम्बंधित तीन नए अध्यादेश किसान, आढ़ती एवं मजदूर विरोधी है। यह एक काला कानून है। इसे किसी किम्मत पर सहन नहीं करेंगे। जब तक सरकार यह अध्यादेश वापिस नहीं लेती हमारा अंदोलन जारी रहेगा। प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने यह कानून सिर्फ बड़ी-बड़ी कम्पनियाें को लाभ पहुचाने के लिए बनाया है। इस नए फरमान से किसान, आढ़ती एवं मजदूर बर्बाद हो जाएगे। सरकार को तुरन्त प्रभाव से देश व प्रदेश के किसान, आढ़ती एवं मजदूरों के हित में यह तीन अध्यादेश वापिस लेने चाहिए। गर्ग ने कहा कि नए फरमान में कही भी नहीं लिखा की किसान की फसल प्राईवेट कम्पनी एमएसपी रेटों से कम पर नहीं खरीदेगी। इस से साफ सिद्ध होता है की सरकार की नियत में खोट है। सरकार एमएसपी रेटों पर फसल खरीदने का कानून खत्म करना चहाती है जो सरासर गल्त है। प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार को चौथा नया फरमान में किसान की हर फसल एमएसपी रेटों से कम ना खरीदने एवं फसल अनाज मंडियों के माध्यम से खरीदने का अध्यादेश जारी करना चाहिए। ताकि किसान एवं आढ़ती उजड़ने से बच सके। जबकि केंद्र एवं हरियाणा सरकार बार-बार ब्यान दे रही है कि किसान की हर फसल एमएसपी पर खरीदेगे और हर फसल मंडी के आढ़ती के माध्यम से पहले की तरह खरीद होगी। जब सरकार ब्यान दे रही है। अगर सरकार की मंसा ठीक है तो उसे लिखीत में अध्यादेश सरकार को जारी करना चाहिए। ताकि किसान एवं आढ़तियों को राहत मिल सकें। इस अवसर पर अनाज मंडी जिला प्रधान पवन गर्ग, सचिव राजीव बंसल, पूर्व प्रधान सजय गोयल, अस्पताल प्रधान अनिल जैन, व्यापार मंडल प्रदेश सहसचिव बजरंग असरावा वाले, निरजन गोयल, संजय नागपाल, ग्यान चन्द, नरेश राजलीवाला, राजेन्द्र गर्ग, सत्यप्रकाश आर्य आदि व्यापारी एवं किसान नेता मौजूद थे।

Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *