हिसार : कृषि अध्यादेश किसानों के हित में, विपक्षी दल कर रहे हैं किसानों को गुमराह : सोनाली फोगाट

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  • कृषि अध्यादेश किसानों के हित में, विपक्षी दल कर रहे हैं किसानों को गुमराह : सोनाली फोगाट
  • कहा- भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार के समय किसानों को तीन से पांच रुपए का मुआवजा देकर किया गया किसानों के साथ भद्दा मजाक
प्रवीण वर्मा। हिसार


केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को लेकर लाए गए तीनों अध्यादेश किसानों के हित में हैं और इनसे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रदेश के विपक्षी दल खास कर कांग्रेस के नेता कृषि अध्यादेशों को लेकर किसानों को गुमराह करने का  प्रयास कर रहे हैं। यह बात आज वरिष्ठ भाजपा नेत्री एवं आदमपुर हलका से प्रत्याशी रही सोनाली फोगाट ने संत नगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को राजनीतिक बनाकर किसानों के हितों को ठेंस पहुंचाने का काम किया है। उन्होंंने कहा कि यदि कांग्रेस सही मायनों में किसानों की हितैषी है तो उसे संसद में इसको लेकर आवाज उठानी चाहिए थी और अध्यादेशों की कमी के बारे में बताना चाहिए था।  भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा आज किसानों को बहकाने का काम कर रहे हैं, लेकिन जब वो सत्ता में थे तो उन्होंने मात्र से तीन से छह रुपए तक किसानों को मुआवजा देने का काम कर किसानों का मजाक उड़ाने का काम किया था। वहीं भाजपा सरकार ने कम से कम एक हजार रुपए का मुआवजा देने का काम किया है। वहीं व्यक्ति के हिसाब से कम से कम 500 रुपए मुआवजा भाजपा सरकार ने दिया है।
भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले पांच सालों में यूरिया एवं डीएपी के रेट नहीं बढ़ाए हैं। इसके अलावा बिजली के रेटों में पहले की अपेक्षा काफी कटौती की है। किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 6 हजार रुपए दिए हैं,  इस योजना का 14 लाख से अधिक किसान लाभ उठा रहे हैं। भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने तो अब खरीफ की फसल खरीद को लेकर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश में धान खरीद के 400 खरीद केंद्र, बाजरा खरीद के लिए 120 केंद्र व मूंग खरीद के लिए 30 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। जिन पर लाकर किसान अपनी फसल एमएसपी पर बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांट्रेक्ट फार्मिंग में किसान की जमीन पर किसी भी कीमत पर कंपनी कब्जा नहीं कर सकती है। इसके तहत यह किसान की मर्जी है कि वह कब तक का अनुबंध करता है और किस रेट पर खरता है। उन्होंने बताया कि अध्यादेश की धारा में इस बात का उल्लेख है कि यदि अनुबंध समाप्त होने पर कंपनी किसान की जमीन पर बनाया गया स्ट्रक्चर जैसे पोली हाऊस नहीं हटाती है वह किसान का हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश का किसानों को सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान चाहे तो अपनी फसल की डायरेक्ट मार्केटिंग करता है या फिर कांटे्रक्ट फार्मिंग कर सकता है। वह मंडी में जाकर भी अपनी फसल बेच सकता है और मंडी के बाहर भी देश में कहीं भी बेच सकता है। मंडी एवं एमएसपी की व्यवस्था भी पहले की भांति जारी रहेगी। भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट ने बताया कि इन अध्यादेशों से किसी भी तरह की जमाखोरी नहीं बढ़ेगी। सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके पूरे भंडारण को सरकार अपने अधिकार में ले सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के  नेताओं के बहकावे में आने से बचना चाहिए। भाजपा सरकार किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। भाजपा सरकार का एक ही उद्देश्य है किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूर करना। भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट ने बताया कि बालसमंद से हिसार व आदमपुर मंडी दूर होने के कारण यहां के किसानें को बाजरा व मूंग की फसल बेचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्होंने प्रदेश के कृषि मंत्री को पत्र लिखा है और उनसे बालसमंद में बाजरा एवं मूंग का खरीद केंद्र शुरू किए जाने की मांग की है।
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