अम्बाला : 2.64 लाख मतदाताओं के साथ अम्बाला शहर हरियाणा में छठा सबसे बड़ा विधानसभा हलका : हेमंत

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  • बीते सवा वर्ष में 10 हजार बढ़ गए अम्बाला शहर के मतदाता, कैंट में 5 हजार

राजेन्द्र भारद्वाज। अम्बाला


भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ ) द्वारा प्रदेश के सभी 22 ज़िलों में कुल रजिस्टर्ड मतदाताओं की ताज़ा संख्या को इस वर्ष 1 जनवरी 2021 की योग्यता तिथि के आधार पर संशोधित (अपडेट) किया गया जिसे बीती 15 जनवरी 2021 को प्रकाशित कर सार्वजनिक किया गया. फाइनल मतदाता सूचियों के अनुसार हरियाणा में अब कुल 1 करोड़ 89 लाख 17 हज़ार 901 मतदाता है जिनमें से 1 लाख 9 हज़ार 579 सर्विस ( फौज/सेना आदि में कार्यरत) मतदाता हैं। बहरहाल, इसी बीच शहर निवासी हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने चुनाव आयोग से जानकारी प्राप्त कर बताया कि जहाँ तक अम्बाला जिले में मौजूदा चार विधानसभा हलको का विषय है, तो ताज़ा मतदाता आंकड़ों के अनुसार ज़िले में सबसे अधिक मतदाता अम्बाला शहर विधानसभा हलके में अर्थात 2 लाख 64 हज़ार 324 है. उन्होंने बताया कि अक्टूबर, 2019 में हुए हरियाणा विधानसभा के आम चुनावो में यह संख्या 2 लाख 54 हज़ार 149 थे. इस प्रकार बीते सवा वर्ष में शहर में मतदाताओं की संख्या 10 हज़ार बढ़ गयी है। हेमंत का कहना है कि हालांकि दिसंबर, 2020 में अम्बाला शहर नगर निगम चुनावो में, जहाँ पहली बार मेयर का प्रत्यक्ष चुनाव शहर के मतदाताओं द्वारा किया गया, उस दौरान यहाँ की मतदाता संख्या 1 लाख 87 हज़ार 604 है क्योंकि नगर निगम के दायरे में शहर के बाहर के कई ऐसे ग्रामीण क्षेत्र (गांव) हैं जो अम्बाला शहर विधानसभा हलके में तो पड़ते हैं परन्तु अम्बाला नगर निगम की सीमा में नहीं. इस प्रकार इस आशय में करीब 77 हजार मतदाताओं का अंतर आता है। उन्होंने आगे बताया कि इसी प्रकार अम्बाला कैंट विधानसभा सीट पर मतदाताओ की संख्या अब 2 लाख 1 हज़ार 566 हो गयी है जबकि अक्टूबर,2019 विधानसभा आम चुनावो में यह 1 लाख 96 हज़ार 870 थी जिस कारण बीते सवा वर्ष में यहाँ 5 हज़ार मतदाता बढ़े हैं। वहीं नारायणगढ हलके में अब 1 लाख 88 हज़ार 972 मतदाता हो गए है जबकि अक्तूबर, 2019 में यह संख्या 1 लाख 82 हज़ार 142 थी, इस प्रकार यहाँ गत सवा वर्ष में 6 हजार मतदाता बढ़े हैं। मुलाना (आरक्षित ) क्षेत्र में अब 2 लाख 21 हजार 937 मतदाता हैं जबकि अक्तूबर, 2019 में यहाँ 2 लाख 13 हज़ार 884 मतदाता थे जिस कारण अब यहाँ 8 हजार मतदाता बढ़ गए हैं। इस प्रकार अम्बाला ज़िले के चारो हलकों में जहाँ गत वर्ष कुल 8 लाख 47 हज़ार 45 मतदाता थे, वह अब बढ़कर 8 लाख 76 हज़ार 799 हो गए हैं. अंबाला लोकसभा सीट में अंबाला जिले के उक्त चार विधानसभा हलकों के अलावा पंचकूला जिले के पंचकूला और कालका जबकि यमुनानगर जिले के जगाधरी, यमुनानगर और सढौरा विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं। हेमंत ने बताया कि सारे प्रदेश के विधानसभा हलकों का गहन अध्ययन कर बताया कि हरियाणा के कुल 90 विधानसभा हलकों में से गुडगाँव जिले का बादशाहपुर विधानसभा सभा हलका मतदाताओं की संख्या की दृष्टि से प्रदेश में सबसे बड़ा हलका है जिसमे वर्तमान में मतदाताओ की संख्या 4 लाख 3 हज़ार 399 है जबकि इस आधार पर महेंद्रगढ़ जिले का नारनौल विधानसभा हल्का प्रदेश में सबसे छोटा है जहाँ बादशाहपुर के आधे से भी कम अर्थात 1 लाख 46 हज़ार 452 मतदाता हैं। अम्बाला शहर प्रदेश में छठा सबसे बड़ा विधानसभा हलका है. अम्बाला से ऊपर केवल गुरुग्राम ज़िले के दो हलके – बादशाहपुर एवं गुरुग्राम शहर और फरीदाबाद ज़िले के तीन हलके – तिगाओं, बड़कल और एनआईटी क्षेत्र शामिल है। उन्होंने बताया कि वर्तमान 22 ज़िलों में सबसे अधिक विधानसभा क्षेत्र हिसार ज़िले में सात है जबकि फरीदाबाद और सोनीपत में यह छः-छः हैं, करनाल, जींद और सिरसा में पांच पांच, अम्बाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, भिवानी, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम में चार -चार, फतेहाबाद, मेवात, रेवाड़ी और पलवल में तीन- तीन एवं पंचकूला और चरखी दादरी में दो-दो विधानसभा हलके हैं।

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