नारायणगढ़ : आपदा प्रबन्धन के बारे में सभी को जागरूक होने की आवश्यकता : संजीव जौली

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  • कानूनी जागरूकता शिविर में एडवोकेट संजीव जौली ने दी जानकारी

बरखाराम धीमान। नारायणगढ़


एडवोकेट संजीव कुमार जौली ने कानूनी जागरूकता शिविर में असंगठित क्षेत्र के श्रमिको के बारे में कानूनी सेवाओं की जानकारी दी और कहा कि नालसा योजना -2015 के अंतर्गत जागरूकता अभियान का उदेश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिको को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने, उन्हें सम्बंधित सुविधाओं का लाभ प्रदान करवाने व उन्हें प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है। एडवोकेट संजीव जौली कालाआम्ब रोड़ पर बजाज कमल ऑटो मोबाईल में आयोजित शिविर में जानकारी दे रहे थे। यह कानूनी जागरूकता शिविर अतिरिक्त सिविल जज (एसडी) एवं चेयरपर्सन सब डिवीजनल सर्विस कमेटी नारायणगढ़ के आदेशानुसार आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने सरकार द्वारा घोषित फाईनैंस पैकेज स्कीम, नालसा स्कीम, एसडीएलएससी नारायणगढ़ की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण कार्यो में मिस्त्री, बेलदार, सफेदी करने वाले, पेंटर, पत्थर लगाने वाले, लेंटर डालने वाले आदि असंगठित क्षेत्र के मजदूर कहलाते है। ऐसे श्रमिक अपना पंजीकरण श्रम विभाग में करा सकते है और सरकार द्वारा जारी सुविधाओं का लाभ ले सकते है। उन्होंनें श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों, बंधआ मजदूरी, समान वेतन, न्यूनतम मजदूरी अधिनिमयों आदि के बारे में जागरूक किया तथा प्राधिकरण की सम्पूर्ण सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबन्धन के बारे में सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है। प्राधिकरण से आपदा ग्रस्त पीडि़तों को मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान उपलब्ध है। यह पीडि़त का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा तैयारी ही आपदा से बचाव है। आपदा पीडि़तों के लिए मुहैया कराए जाने वाली विभिन्न सेवाओं को सुनिश्चित करना व लोगों को इसके बारे में जागरूक करना ही आपदा प्रबंधन योजना का मुख्य उदेश्य है। इस अवसर भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्य दोनों के बारे में बताया और कहा की दोनों एक सिक्के के दो पहलू है और किसी भी समाज के संचालन के लिए इन दोनों की पालना करना अनिवार्य है। हमे अपने मौलिक अधिकारों से पहले अपने मौलिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे से मजदूरी करवाना बालश्रम अधिनियम-1986 के अंतर्गत कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि हम सबको एक दूसरे के साथ सम्मान के साथ पेश आना चाहिए और एक दूसरे के साथ अच्छा बर्ताव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा एक दूसरे के साथ किया गया अच्छा व्यवहार ही हमारे समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया की आज पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट में आ चुका है और कोविड-19 से बचने के लिए हम सब को साफ-सफाई का ध्यान रखना है, मास्क का प्रयोग करना है, नियमित रूप से हाथों को साबुन/पानी से धोना है या सेनिटाइजर का प्रयोग करना है। एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखने पर यानि दो गज की दूरी रखने का विशेष ध्यान देना होगा।

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