नांगल चौधरी : मौत के साए में मॉडल संस्कृति स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं विद्यार्थी

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गुलशन कुमार। नांगल चौधरी


मौत के साए में मॉडल संस्कृति स्कूल में पहुंचने को विद्यार्थी मजबूर हैं। विकास पुरुष के गृह क्षेत्र में बच्चों के सिर पर मौत का साया मंडरा रहा है। नन्हें नौनिहाल जान हथेली पर रख शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं। इन बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि उनके नौनिहालों को हादसों वाली सड़क से हरियाणा सरकार बचाए। क्योंकि ये ही बच्चे पढ़ लिख कर देश का नाम रोशन करेगें। इसलिए गुजारिश है कि सरकार इन्हें हादसों से बचा ले। ये चंद लाइने महेंद्रगढ़ जिले की नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र के गांव धोलेड़ा में सटीक बैठती हैं। पत्थर से भरे हुए डंपर किस वक्त किसी का चिराग बुझा दे कोई नहीं जानता , लाख कोशिश के बाद भी पूरा सिस्टम मौन है और हर तरफ है तो सिर्फ डर का साया।

पेश है हमारी खास रिपोर्ट मौत वाली सड़क


बनाने को तो साल 2018 में स्थानीय विधायक राव अभय सिंह के द्वारा धोलेरा बाईपास का निर्माण करवाया गया लेकिन समय से पहले ही सड़क दम तोड़ गई और आज हर कोई से मौत की सड़क के नाम से जानता है किस समय किसके घर का चिराग बुझ जाए यह कोई नहीं जानता शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं यह बच्चे हर वक्त मौत के साए में रहते हैं कि कब किसी ट्रक से पत्थर गिरे और उनके सांसे थम जाएं रोड से उड़ती है धूल बच्चों के भविष्य को धूमिल कर रही है बावजूद इसके ऊपर से नीचे तक पूरा सिस्टम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। इस रोड से रोजाना सैकड़ों बच्चे मॉडल संस्कृति स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन इस रोड की हालत में बच्चों के साथ साथ आम आदमी के जीवन को दुश्वार बना दिया है रोड बनाने वाले ठेकेदार को 4 वर्ष की जवाबदेही के साथ ठेका दिया गया था कि अगर रोड में कुछ खराबी होती है तो ठेकेदार उसे ठीक करवाएगा लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बाद भी बच्चे की मौत के साए में स्कूल जाने को मजबूर हैं। यही नहीं बल्कि एक बच्चे के साथ तो यह सब पहले ही हो चुका है जब एक बच्चा साइकिल से स्कूल जा रहा था तो बाईपास से क्लोज कर दे एकदम पर से पत्थर गिरा और पूरी साइकिल चकनाचूर हो गई गनीमत रही कि बच्चा इस दुर्घटना में बाल-बाल बचा। घटना की जानकारी प्रिंसिपल को दी गई और स्कूल प्राचार्य ने जानकारी तत्कालीन सरपंच महोदय को दें लेकिन सरपंच साहब सरपंच ठहरे बात को अनदेखा किया और निकल पड़े।शिक्षा ग्रहण कर देश का भविष्य बनाने वाले यह बच्चे इस कदर मौत के साए से गुजर रहे लेकिन नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा सिस्टम मौन है ऐसे में देखना होगा कि हरियाणा सरकार किसी बड़े हादसे के बाद कोई एक्शन लेती है या फिर ये बच्चे खुशहाली से स्कूल जा पाएंगे।

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