अम्बाला : प्रजातंत्र की रीढ़ की हड्डी पंचायतों के जल्द हो चुनाव : निर्मल सिंह

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  • गैस, डीजल और पेट्रोल के बढ़ रहे रेटों के खिलाफ एचडीएफ ने फूंका पीएम नरेन्द्र मोदी का पुतला 

मनीष राजपूत/कुलदीप सिंह। अम्बाला शहर


रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल समेत सभी जनउपयोगी वस्तुओं के दामों से हुई कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट ने आज अम्बाला शहर के विभिन्न बाजारों में रोष प्रदर्शन करने के बाद जगाधरी गेट चौक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंका। इससे पूर्व एचडीएफ के संस्थापक पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने हजारों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार पर ताबड़तोड़ हमले किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना पंचायती राज को मजबूत करने का रहा है क्योंकि ग्राम पंचायते प्रजातंत्र की रीढ़ की हड्डी होती हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन समेत प्रदेश की अन्य ज्वलंत समस्याओं से उपजे जनआक्रोश के भय से राज्य सरकार पंचायती चुनावों को करवाने में विलंब करने का दुर्भाग्यपूर्ण फैसला कर रही है। उन्होंने कहा कि पंचायती चुनाव हर हाल में निर्धारित समय पर ही होने चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्राें का विकास लगातार हो सके। निर्मल सिंह ने कहा कि राजनैतिक द्वेष के कारण रेहड़ी फड़ी वाले गरीब आदमियों को उजाड़ा जा रहा है जबकि उनके लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था अब तक भी नहीं की है जबकि अपने परिवार के भरण पोषण की चिंता में ये लोग धरने पर बैठे हुए हैं। इन रेहड़ी फड़ी वालों से हमदर्दी जताने के लिए मौके पर पहुंचे निर्मल सिंह ने सरकार से मांग की है कि इनके परिवार की रोजी रोटी की समस्या के समाधान के लिए सरकार को तत्काल ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर एचडीएफ के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी तन मन धन से सहयोग करें। इस अवसर पर हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की नेत्री चित्रा सरवारा ने कहा कि झूठे चुनावी वायदे करके सत्ता में आए भाजपा नेता स्वयं ही चुनावी वायदों को चुनावी जुमला बताकर कबूल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को रोजगार देने के लंबे चौड़े भाषण देने वाली भाजपा के राज में नगर निगम अम्बाला शहर में वर्षों से काम करने वाली 16 महिलाओं को बेवजह ही नौकरी से निकालकर अपने चहेतों को भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा भी अब बेमानी नजर आता है। उन्होंने कहा कि 2 हजार नौकरियां देने का वायदा करके मेयर पद पर विराजमान हुई शक्तिरानी शर्मा को पहले नगर निगम में धरने पर बैठी 16 निकाली गई महिला कर्मियों के परिवारों की रोजी रोटी की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए उन्होंने देश और प्रदेश की जनता को उल्लू बनाया। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यव्स्था की जीडीपी माइनस में जाने का रिकॉर्ड बना चुकी है जबकि गैस, डीजल, पेट्रोल के दाम आजादी के बाद के इतिहास में सर्वाधिक होने का रिकॉर्ड बना चुके हैं।

उन्होंने कहा कि महंगाई, कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और किसानों पर जबरन तीन कृषि कानून थोपने के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों, पत्रकारों, वकीलों और समाजसेवियों को पुलिस जबरन उठाकर जेलों में ठूस रही है। देश-प्रदेश में भय का ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है कि कोई भी इंसान सरकार के खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत न कर पाए। उन्होंने कहा कि पिछले 3 महीनों से 3 कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर समेत अनेक राज्यों में आंदोलन करने वाले किसानों में से 200 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत अन्य भाजपा के मंत्री और पदाधिकारी दिल्ली में मात्र 20 किलोमीटर की दूरी पर जाकर किसानों से हमदर्दी जताने की बजाए 2 हजार किलोमीटर का सफर करके पश्चिमी बंगाल में राज्य सरकार के गठन के लिए जी जान से जुटे हुए है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ साथ पूरी दुनिया के किसान समर्थक यहां के किसान आंदोलन के मुद्दे पर चिंतित है। लेकिन सत्तापक्ष के लोग उनकी बात सुनने की बजाए उन्हें खालिस्तानी, पाकिस्तान और चीन से सहायता प्राप्त करने वाले यहां तक देशद्रोही बताने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। देश की आजादी के बाद से अब तक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ साथ देश को खाद्यान के मामले में पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाने वाले किसानों को सम्मानित करने की जगह अपमानित किया जा रहा है। किसान आंदोलन को आगे बढ़ने से रोकने के लिए धरना स्थलों के ईर्द गिर्द कंटीली तारों और नुकीली कीलों का ऐसा जाल बिछाया जा रहा है कि मानों आंदोलित किसानों की जगह चाइना और पाकिस्तान की फौज के संभावित हमले के लिए नाकाबंदी की गई हो। चित्रा सरवारा ने कहा कि 2014 में प्रत्येक वर्ष 2 करोड़ युवाओं को नौकरियां देने का वादा करके सत्ता में आई भाजपा ने पहले से नौकरी कर रहे युवाओं को घर बैठने पर विवश कर दिया है। कोरोना काल के दौरान सरकार की कुव्यवस्था के चलते अनेक लोगों को अपने परिजनों से वंचित होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के वर्तमान हालातों के चलते यही लग रहा है कि इस सरकार को देश के करोड़ो लोगों की जगह मात्र कुछ चहेते उद्योगपतियों की ही चिंता है। चित्रा सरवारा ने कहा कि भाजपा क सत्ता में आने से पहले देश में जब रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में मामूली वृद्धि होती थी तो भाजपा के सीनियर नेता राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और स्मृति ईरानी सड़कों पर बैठ जाते थे और हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज अम्बाला के मुख्य बाजारों में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते थे। उन्होंने सवाल किया उस वक्त महंगाई इन्हें डायन दिखती थी लेकिन अब कमरतोड़ महंगाई इन्हें अप्सरा नजर आती है। उन्होंने कहा कि अम्बाला छावनी के विधायक और 7 विभागों के कैबिनेट मंत्री अनिल विज बीते 6 सालों में अम्बाला की सड़कों का कायाकल्प तो नहीं कर पाए।

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