उत्तरप्रदेश : किसान आज जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहा है : जयंत चौधरी

Featured Video Play Icon
Share This
  • जयंत चौधरी ने बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र में किसान पंचायत को किया संबोधित

राजेन्द्र भारद्वाज। बुलंदशहर


राष्ट्रीय लोकदल के आह्वान पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी ने आज बुलंदशहर में दूसरी किसान पंचायत की। आज की पंचायत को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि अलग-अलग मोर्चों पर किसान सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन कर रहे है पर कुछ दौर की बातचीत के अलावा किसानों के पक्ष में सरकार की तरफ से कुछ भी सकारात्मकता नहीं दिखाई नहीं दी। जिसकी वजह से हमने महसूस किया कि किसानों को अपनी रणनीति बदलनी होगी यही कारण है कि हम किसानों के पास पहुंच रहे हैं। जयंत चौधरी ने इस पंचायत में हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कितनी निष्ठुर सरकार और उसके कितने निष्ठुर मंत्री है जो 250 किसानों की शहादत का भी मजाक उड़ाते है। सिर्फ़ मंत्री ने ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री ने भी संसद में किसानों का मजाक उड़ाया है। किसान जिन्होंने देश को अपनी खून-पसीने से सींचा है, उनको मोदी जी परजीवी कहते हैं। किसान कानून पर बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि मंडी में आढ़तियों पर लगने वाले शुल्क से साल 2020 में 8600 करोड़ रुपया टैक्स के रूप में मिला था और नए कानून के अनुसार यह शुल्क नहीं लगेगा। इसका साफ़ मतलब यह हुआ कि इसका सीधा-सीधा लाभ कॉर्पोरेट घरानों को मिलेगा न कि किसानों को। दूसरी बात जयंत चौधरी ने उठाई कि किसान और कंपनी में करार होने के बाद कंपनी अपनी मनमानी करेगी और इस मनमानी का आभास इसी बात से लग जाता है कि इन कानूनों में किसान को अदालत के पास जाने का भी अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि मेरा मोदी जी से छोटा सा सवाल है कि आप रात को चैन की नींद कैसे सो पाते हैं? क्योंकि जो व्यवस्था आप बनाना चाहते हैं उससे किसान बर्बाद हो जाएगा और ये तीनों कानून किसान के ताबूत में क़ील का काम करेंगे। मोदी जी पर आगे हमला बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज किया गया, उनके रास्ते में कील बिछाई गई और वही अंबानी-अडानी के लिए क़ालीन बिछाई जाती है। उत्तर प्रदेश के एक नए कानून का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि यूपी में इस नए कानून के हिसाब से 18 साल तक कोई भी आपकी जमीन को पट्टे पर ले सकता है। इसलिए मैं कहता हूँ कि इनकी नजर आपकी जमीन पर है। उस जमीन पर जिसकों 1950 में चौधरी चरण सिंह ने जमींदारी उन्मूलन कानून के द्वारा आपके के नाम कराया था इसलिए किसान को चौकन्ना रहना होगा। उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि ये लोग अपने आप को किसान हितैषी बता रहे हैं। पर क्या किसान पर पराली जलाने पर एक करोड़ का जुर्माना, 10 साल पुराने ट्रैक्टर को चलाने पर पाबंदी, डीजल के बेतहाशा बढ़ते हुए दाम, 4 साल में गन्ने पर सिर्फ 10 रूपये बढ़ाना, 1 साल से ज्यादा समय के बाद जाकर गन्ने का पेमेंट देना। क्या ये लक्षण एक किसान हितैषी सरकार के हो सकते हैं? जयंत चौधरी ने आगे कहा कि ये आंदोलन सरकार की दमनकारी नीतियों के ख़िलाफ़ है। सरकार और उनके कुछ पिछलग्गू पत्रकार कह रहे हैं इस आंदोलन में तिरंगे का अपमान हुआ। पर मैं उनसे कहना चाहता हूँ कि तिरंगे का अपमान तब होता है जब एक बच्चा कुपोषित होकर मरता है, तिरंगे का अपमान तब होता है जब किसान को उसकी फसल का उचित भाव नहीं मिलता, तिरंगे का अपमान तब भी होता है जब एक चपरासी की नौकरी के लिए एक इंजीनियर एक पीएचडी किया हुआ नौजवान अप्लाई करता है। किसान तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता बल्कि किसान का बेटा सीमा पर इसी तिरंगे की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर देते हैं। योगी पर हमला बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि कभी केरल में जाकर तो कभी बंगाल में जाकर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की बड़ी डींगे हांकते हैं पर हाथरस में हुए जघन्य अपराध ने इनकी सारी पोल खोल दी हैं। नौजवानों की बात करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि आज नौजवान नौकरी की तलाश में हैं। मोदी जी ने 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। पर वो वादा सिर्फ वादा निकला। भर्ती होती है तो जॉइनिंग नहीं मिलती। कुछ भर्तियों को गिनाते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि 2016 में निकली हुई भर्ती की आज तक जॉइनिंग नहीं हुई है, उसके बाद 2018 की तीन भर्तियों की जॉइनिंग आज तक नहीं हुई, 2019 की दो भर्तियों की जॉइनिंग आज तक नहीं हुई।
जैसा कि हर पंचायत में होता है इस पंचायत में भी कुछ फैसले लिए गए –
●सरकार को चेताते हुए कहा गया कि कि आंदोलनरत किसानों को दबाने का काम सरकार न करें कोई भी अनैतिक कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
●पंचायत ने कहा कि हिन्दू मुस्लिम का भाईचारा कायम किया जाएगा
●सरकार अगर कानून नहीं बदलती तो जनता सरकार बदलेगी
● किसानों की सभी फसलों को एमएसपी पर खरीद की गारंटी सुनिश्चित की जाए

Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *